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अब तो इस बेटी की सुन लीजिए ‘मोदीजी,

अब तो इस बेटी की सुन लीजिए ‘मोदीजी,

अमिताभ बच्चन की होस्टिंग वाले टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 9’ में एक करोड़ रुपए जीतने वालीं जमशेदपुर की सोशल वर्कर अनामिका मजूमदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर झारखंड की महिलाओं की समस्याएं साझा करना चाहती हैं। केबीसी 9 की पहली करोड़पति बनीं अनामिका ने ‘नवभारत टाइम्स’ से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि इसके लिए उन्होंने पीएम को चिट्ठी भी लिखी है। पेश है इनसे हुई बातचीत…

जरूरतमंदों के काम आएंगे पैसे
दो बच्चों की मां अनामिका अपने एनजीओ फेथ इन इंडिया यानी ‘फीमेल ऑरा इनिशटिव टुवर्ड्स होप इन इंडिया’ के जरिए झुग्गी-बस्ती में रहने वाले नशे की लत के शिकार बच्चों को सुधारने, उन्हें स्कूल भेजने, कंप्यूटर, इंग्लिश, आर्ट ऐंड क्राफ्ट सीखाने जैसे काम कर रही हैं। 41 वर्षीय अनामिका बताती हैं, मेरे खुद दो बच्चे हैं। आज से 7-8 साल पहले मैंने पार्क में कुछ बच्चों को डेंड्राइट पीते और नशा करते देखा, यही बच्चे आगे चोरी-चकारी भी करते हैं तो मुझे लगा कि जब तक ये बच्चे सही राह पर नहीं आएंगे, दूसरे बच्चे भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। इसलिए मैं इन बच्चों के सुधार लिए काम करने लगी। तीन साल पहले मैंने अपना एनजीओ रजिस्टर कराया। हमारे एनजीओ को सरकार की तरफ से बेस्ट एनजीओ का अवॉर्ड भी मिला है। झारखंड के मुख्यमंत्री ने हमारे अच्छे काम के लिए 2 लाख रुपए की धनराशि भी दी। फिर भी पैसों की कमी के चलते हम बहुत से काम नहीं कर पा रहे थे। मसलन इन बच्चों की माएं हमसे कुछ रोजगार देने के लिए कहती थीं तो लगता था कि हम कहां से उन्हें रोजगार दें, लेकिन अब एक करोड़ रुपए जीतने के बाद लगता है कि कुछ कर पाऊंगी।

मुझे दूसरों के लिए जीतना था
केबीसी के लिए कई सालों से कोशिश कर रहीं अनामिका बताती हैं, ‘केबीसी के लिए कोशिश तो मैं शादी यानी 2002 से पहले से कर रही हूं, लेकिन दो- तीन बार से सीरियसली कोशिश करने लगी थी, क्योंकि मेरे पास और कोई विकल्प नहीं था। मुझे पता था कि मैं जो सपना देख रही हूं, वो केबीसी से ही पूरा हो सकता हैं, क्योंकि लॉटरी तो लगेगी नहीं। शो पर भी मैं बहुत सारा पैसा जीतना चाहती थी, क्योंकि ये मुझे दूसरों के लिए जीतना था। अगर मुझे घर बनाना होता या गाड़ी खरीदनी होती तो वो इस बार नहीं तो अगली बार हो जाता, लेकिन मुझे तो दूसरे काम के लिए पैसा चाहिए था। अगर वो नहीं होता तो बहुत से लोग मायूस हो जाते।’

पति की सोच बदल गई
अनामिका को अपने सपने को पूरा करने के लिए पति से नोंकझोंक भी करनी पड़ी। बकौल अनामिका, ‘मेरे पति सत्यप्रिय मजूमदार मेरे सोशल वर्क को लेकर शुरू में काफी नाराज रहते थे। आखिर पतियों को आदत जो होती है पत्नी को हमेशा घर में देखने की। वे यही चाहते हैं कि बीवी घर के काम करती रहे। किसी ने बेड पर तौलिया डाल दिया तो उसे हटाए या कुछ भी करते रहे, लेकिन घर में रहे। इसलिए घर का सारा काम करके भी जब मैं बाहर निकलती थी तो उन्हें खलता है। यही नहीं, जब मैं केबीसी में आ रही थी, तब भी वे बहुत नाराज थे कि ये फालतू के काम करती रहती है। ऐसा होता है क्या? ये जो टीवी में दिखाते हैं वो झूठ होता है, लेकिन अब दो दिन में वे बदल गए हैं। बहुत खुश होकर दोस्तों से कह रहे हैं कि सबको कोशिश करनी चाहिए।’

रातभर जागकर की पढ़ाई
अनामिका ने केबीसी के लिए खूब तैयारी भी की। वह बताती हैं, ‘जब कॉल आ गया तो मैंने सब कुछ भूलकर खूब तैयारी की। जनरल नॉलेज सुधारा, इतिहास पढ़ा, केबीसी के एपिसोड देखे। रात को जागकर पढ़ती थी, उसी में मेरे बेटे को बुखार हो गया, बेटी के इम्तहान थे तो काफी मेहनत करनी पड़ी। शो के दौरान एक करोड़ वाले सवाल से पहले सारी लाइफ लाइन चली गईं थी तो डर भी लग रहा था कि वॉक आउट करूं या कोशिश करूं क्योंकि संविधान से जुड़ा सवाल था, जो मेरा क्षेत्र है। रिस्क लिया थोड़ा और सफल हो गई।’

मोदी जी को चिट्ठी लिखी
झारखंड में लोगों के लिए काम कर रहीं अनामिका कहती हैं, ‘झारखंड की महिलाएं काफी दिक्कत में हैं। उनकी दिक्कत दूसरे राज्यों की महिलाओं से अलग हटकर है। वह आदीवासी क्षेत्र है, उन्हें रोजगार की समस्या है। जमीन उपजाऊ है नहीं, आर्ट और क्राफ्ट वाली चीजें भी नहीं चलती हैं। इसलिए मैं आपके अखबार और वेबसाइट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी से आग्रह करना चाहती हूं कि वह एक बार हमसे मिल लें। वह इतना कुछ करते हैं, पॉलिसी बनाते हैं, लेकिन निचले तबके तक चीजें पहुंच नहीं पाती। हम लोग उस लेवल पर काम कर रहे हैं तो हमें पता है, इसलिए वह थोड़ा-सा समय निकालकर हमसे मिल लें। मैंने इसके लिए मोदीजी को लेटर भी लिखा है।’

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